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सिग्नल कैसे काम करते हैं

सिग्नल कैसे काम करते हैं
NOTE :- ये तीनो एंगल आपके डिश के हिसाब से अलग अलग होते है तो उन्ही अनुसार सेट करे।

मुंबई दुर्घटनाओं को दावत दे रहा शंकरा कॉलोनी का सिग्नल

मुंबई. गोवंडी हाईवे (Govandi Highway) के घाटकोपर-मानखुर्द लिंक रोड (Ghatkopar-Mankhurd Link Road) के शंकरा कॉलोनी (Shankara Colony) का ट्रैफिक सिग्नल (traffic signal) और डिवाइडर (Dividers) दुर्घटनाओं को दावत दे रहा है और इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो यह कभी भी लोगों के लिए मुश्किलों का सबब बन सकता है। बिना सीसीटीवी कैमरे और ट्रैफिक पुलिस के यह सिग्नल असुरक्षा को भी बढ़ावा दे रहा है, लेकिन फिर भी शासन और प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया है जिसकी वजह से यह ट्रैफिक सिग्नल लावारिस हो गया है। इस जगह पर कई राहगीर और वाहन चालक दुर्घटना का शिकार भी हो चुके हैं।

मुंबई (Mumbai) को नवी मुंबई (Navi Mumbai) शहर से जोड़ने वाले हाईवे के घाटकोपर-मानखुर्द लिंक रोड पर लगभग 8 ट्रैफिक सिग्नल हैं। ईस्टर्न फ्री वे भी इस हाइवे से कनेक्ट सिग्नल कैसे काम करते हैं होता है जिसकी वजह से इस हाईवे पर तेज़ रफ़्तार दोपहिया और थ्री व्हीलर और चार पहिया गाड़ियां हवा से सिग्नल कैसे काम करते हैं सिग्नल कैसे काम करते हैं बातें करती है। इस सिग्नल पर प्रशासन ने लोगों के लिए फुटओवर ब्रिज (Footover bridge) भी बनाया है, लेकिन लोग इसका इस्तेमाल नहीं करते है और तेज़ रफ़्तार गाड़ियों के बीच से सड़क पार करते है।

सिग्नल से कैमरे और ट्रैफिक पुलिस नदारद

कानून तोड़ने वालों से सख्ती से निपटने और उन्हें कानून का पालन कड़ाई से कराने लिए इस सिग्नल पर कभी कोई ट्रैफिक पुलिस कॉन्स्टेबल नहीं होता है, जिसकी वजह से दोपहिया और चार पहिया गाड़ियां के चालक बिना किसी की परवाह सिग्नल कैसे काम करते हैं किए सिग्नल तोड़ कर निकल जाते हैं।

Signal of Shankara colony feasting on accidents

हाईवे का डिवाइडर बना “यू-टर्न स्पॉट”

शंकरा कॉलोनी के सिग्नल का डिवाइडर वाहन चालकों के लिए “यू-टर्न” स्पॉट बन गया था, इसमें जगह मिलने पर वाहन चालक आगे कुछ दूर जाकर सिग्नल से यू-टर्न मारने की बजाए इसी शॉटकट से गाड़ी घुमा लेता है। कई बार इस वजह से दुर्घटना होते-होते भी बची है।

गोवंडी इलाके के रहने वाले सैयद जफ़र ने बताया कि एक दिन जब वह शंकरा कॉलोनी की एक जिम से गुजर रहे थे तो सिग्नल बंद होने की वजह से मैं सड़क नीचे से पार कर रहा था क्योंकि उस समय सिग्नल पर सिग्नल कैसे काम करते हैं सिग्नल कैसे काम करते हैं फुटओवर ब्रिज का काम चल रहा था। जैसे ही मैंने सड़क पार करने की कोशिश की एक तेज रफ्तार बाइक वाले ने सिग्नल तोड़कर आगे जाते हुए मुझे टक्कर मारी और वहां से वो निकल गया। हालांकि ज्यादा चोट नहीं लगी, लेकिन उस समय भी कोई कैमरा और ट्रैफिक पुलिस कॉन्स्टेबल वहा नहीं था।

इस टूटे हुए डिवाइडर को ठीक करने के लिए प्रशासन से लिखित रूप से मांग करेंगे। हमारे पास पुलिसकर्मियों की संख्या कम है। शिवाजी नगर और बैगनवाड़ी सिग्नल की टूटी सड़कों और नवनिर्माण ब्रिज के काम की वजह से बहुत ट्रैफिक लगा रहता है। सुबह और शाम मुंबई और नवी मुंबई जाने वालों की संख्या अधिक है इसके लिए सभी पुलिसकर्मी ट्रैफिक फ्री करने में व्यस्त रहते हैं। जल्द सिग्नल पर कैमरे लगाया जाएगा और ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात किए जायेंगे। लोगो को भी खुद जागरूक होने और ट्रैफिक पुलिस को मदद करने की जरूरत है।

Signal App क्या है ? इसे डाउनलोड व इस्तेमाल कैसे करे ?

What is Signal App Full Information in Hindi:- Signal App बहुत ही कम समय में काफी ज्यादा फेमस हुई है। आपने भी कहीं ना कहीं इस एप्लीकेशन का नाम जरूर सुना होगा। अगर आपने इसका नाम सुना है ? लेकिन आप इसके बारे में ज्यादा नहीं जानते हैं ? तो यह लेख आपके लिए ही है। क्योंकि आज इस लेख में हम आपको यही बताने वाले हैं कि Signal App क्या है ? यह किस काम आता है ? Signal App Download कैसे करे ? सिग्नल ऐप को कैसे इस्तेमाल करें ? और इस ऐप में कौन कौन से फ़ीचर्स है ? Whatsapp और Signal App में क्या अंतर है ? आदि।

तो अगर आप इन सभी सवालों के जवाब जानना चाहते हैं तो आपको इस लेख को अंत तक पढ़ना होगा।

Whatsapp vs signal, what is difference between whatsapp and signal app,

Signal App Kya Hai in Hindi ? सिग्नल एप्प क्या है ?

Signal एक एंड्राइड एप्पलीकेशन है, जिसका इस्तेमाल हम ऑनलाइन एक दूसरे से कम्युनिकेशन करने के लिए कर सकते है। इस एप्प से आप अपने दोस्तों के साथ चैट कर सकते है, उन्हें फ़ोटो, वीडियो, ऑडियो तथा अन्य कई प्रकार की files भेज सकते है, साथ ही सिंगल व ग्रुप वॉइस व वीडियो कॉल भी कर सकते है। इस एप्प के और भी कई फ़ीचर्स है, जिनके बारे में हम नीचे डिटेल से बात करेंगे।

Signal एप्प को प्ले स्टोर पर 17 दिसंबर 2020 को लॉन्च किया गया था, और सिर्फ एक महीने में ही इस एप्प को 10 मिलियन से भी ज्यादा लोगो ने अपने मोबाइल में इसे इनस्टॉल भी कर लिया है। इस एप्प को यूज़ करने वाले लोगो ने प्ले स्टोर पर इसे 5 में से 4.5 star रेटिंग थी, जिससे यह पता चलता है कि लोगो ने इसे काफी पसन्द किया है।

इस एप्प को अभी लॉन्च हुए महीना भर ही हुआ है और इतने कम समय में यह बहुत ही ज्यादा पॉपुलर हो गया है। इसे whatsapp का alternat माना जा रहा है। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार तो यह व्हाट्सएप से भी काफी बेहतर एप्प माना जा रहा है।

Signal App Features in Hindi

  • इस एप्प का सबसे अच्छा फीचर यही है कि इसमें सिग्नल कैसे काम करते हैं हमारी चैट end-to-end encrypted होती है, इसलिए किसी भी तीसरे व्यक्ति को यह कभी भी पता नही चलता है कि हम किस से क्या क्या चैट कर रहे है।
  • इस एप्प में हम अपने दोस्तों के साथ चैटिंग करने के अलावा उन्हें फोटो, वीडियो, ऑडियो, पीडीएफ तथा और भी अन्य कई प्रकार की पाइल्स सेंड कर सकते हैं।
  • इस ऐप की मदद से हम अपने दोस्तों के साथ वॉइस और वीडियो कॉल भी कर सकते हैं।
  • इसमें हम ग्रुप वीडियो कॉल भी कर सकते हैं।
  • इस ऐप में हम ग्रुप बनाकर अपने दोस्तों के साथ तथा फैमिली मेंबर्स के साथ ग्रुप चैटिंग सिग्नल कैसे काम करते हैं भी कर सकते हैं।
  • सिग्नल एप्प की मेसेजिंग सर्विस काफी फास्ट है, अगर आपका इंटरनेट कनेक्शन स्लो हुआ ? तब भी आप का मैसेज सामने वाले के पास तुरंत पहुंच जाएगा।
  • इस एप्प में किसी भी प्रकार की एडवरटाइजमेंट या ads आपको देखने को नहीं मिलेंगे। ना ही यह एप्प आपकी लोकेशन आदि को ट्रैक करता है।
  • Signal App में Dark Mode भी अवेलेबल है। इसलिए अगर आप इसकी थीम चेंज करना चाहे, तो आप वो भी कर सकते है।
  • इस ऐप में आप सभी कॉन्टेक्ट्स के लिए अलग-अलग नोटिफिकेशन ट्यून्स सिलेक्ट कर सकते हैं। साथ ही अगर आपको किसी कांटेक्ट के नोटिफिकेशन ट्यून्स को बंद करना हो ? तो आप यह भी कर सकते हैं।

Signal App Download कैसे करे ?

सिगनल ऐप को डाउनलोड करना बहुत ही आसान है। आप अपने एंड्राइड मोबाइल के प्ले स्टोर में जाकर या अगर आप आईफोन यूज़ करते है ? तो आप एप्स स्टोर में जाकर इस ऐप को सर्च करके डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अलावा आप अभी नीचे लिंक पर क्लिक करके भी इस एप्प को अपने मोबाइल में इंस्टॉल कर सकते हैं।

1. इस एप्प को इनस्टॉल करने के बाद इसे ओपन और Continue बटन पर क्लिक करके आगे बढ़े।

2. उसके बाद आपसे Contacts को एक्सेस करने की तथा और भी कुछ अनुमति मांगी जाएगी, आप उन्हें allow करे।

3. फिर अगले पेज में आपको अपने मोबाइल नंबर डालकर Next बटन सिग्नल कैसे काम करते हैं पर क्लिक करना है।

4. फिर उस नंबर पर एक ओटीपी आएगा, अगले पेज में वो ओटीपी डालकर अपने नंबर को वेरीफाई कर ले।

5. फिर ऐसा पेज खुल जायेगा।

यंहा आपको अपनी फोटो और नाम डालना है, फिर नीचे Next बटन पर क्लिक करे।

Google Maps: बेहद काम का है गूगल मैप्स का नया फीचर, अब आपकी स्क्रीन पर दिख जाएगा ट्रैफिक सिग्नल

टाइम्स नाउ डिजिटल

google maps

  • गूगल मैप्स गूगल कै एक बेहद ही यूजफुल एप है
  • सड़क रुट का पता लगाने के लिए मैप्स का इस्तेमाल किया जाता है
  • हाल ही में गूगल मैप्स में कई सारे नए फीचर लाए गए हैं

गूगल लगातार अपने एप्स में नए-नए फीचर्स जोड़ता रहता है। जीमेल, गूगल फोटोज, गूगल प्ले स्टोर या अन्य जितने भी तरह के गूगल के एप्स हैं उनमें लगातार नए-नए अपडेट्स आते रहते हैं। इसी कड़ी में गूगल मैप्स पर भी एक नया फीचर लाया गया है जो काफी मजेदार है साथ ही काम की चीज है। गूगल मैप्स में अप आपको आस-पास के होटल रेस्तरां और ट्रैफिक सिग्नल्स भी दिख जाएंगे।

क्या है गूगल मैप्स का नया फीचर

माना जा रहा है कि इस फीचर के आने के बाद गूगल मैप्स पहले से काफी बेहतर हो जाएगा और बेहद काम का भी हो जाएगा। इस फीचर के आने के बाद गूगल मैप्स की मदद से यात्रा करने वालों के लिए सुविधा बढ़ जाएगी। इससे उन्हें ट्रैफिक सिग्नल का साफ तौर पर पता चल जाएगा और कई दुर्घटनाएं होने से बचेंगी और लोग अनुशाषित भी हो जाएंगे।

ऐसे में यूजर को ड्राइव करने में आसानी होगी, हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि यह फीचर आम लोगों के लिए कब लॉन्च किया जाएगा। इस फीचर का उपयोग ना केवल नेविगेशन के दौरान बल्कि आसपास के सर्च के दौरान भी ट्रैफिक सिग्नल को देखने के लिए किया जा सकता है।

google maps

Google Maps

Android Mobile से Dish TV कैसे सेट करें

dish tv set kaise kare in hindi

क्यूंकि होता ये है कि कई बार हम घर पर डिश टीवी सेट करने की कोशिश भी करते है लेकिन वो सेट बहुत ही मुश्किल से होता है और कई बार तो 2- 3 घंटे टाइम लगाने के बाद भी सही से सेट नहीं हो पाता है, क्योंकि normally डिश टीवी ये कई बार बारिश या आंधी में ख़राब हो जाते है फिर उनको सेट करना बड़ा मुश्किल सा काम होता है और फिर किसी तकनीशियन को बुलाना पढता है।

इन्ही बातो को ध्यान में रखते हुए कुछ टिप्स मैं आपको कुछ टिप्स बताऊंगा जिससे आप आसानी से घर पे डिश टीवी, टाटा स्काई अदि को सही कर सकते है।।

तो चलिए जानते है कि एंड्राइड मोबाइल से डिश टीवी कैसे सेट करते है और किन किन चीज़ों की जानकारी होनी चाहिए।।

Android Mobile Se Dish TV Kaise Set Kare – (Airtel, TataSky, DishTv, Videocon) Android mobile se dish tv set karne ka tarika :-

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Android मोबाइल से डिश टीवी सेट करने से पहले आपको कुछ जरुरी चीज़ों की जानकारी को जान लेना चाहिए ताकि आप जल्दी से डिश को सेट कर सके और भविष्य में भी इन जानकारी को काम में ले सके।।

तो चलिए दोस्तों आपको मैं कुछ डिश टीवी की जानकारी बताता हूं जो ही अच्छे तरीके से डिश सेट करने के लिए पता होना बहुत जरुरी है।।।

1. azimuth क्या है :-

दोस्तों डिश टीवी सेट करने के लिए सबसे पहले जिस चीज़ को सेट करना होता है। वो है dish का azimuth angle।।
अब आप सोच रहे होंगे की ये क्या होता है तो मैं आपको सिंपल भाषा में बताता हूँ की azimuth angle डिश टीवी को दांये या बाये घुमाने को कहते है।

Click Here

नोट :- हो सकता है कि कुछ मोबाइल में ये App ना चले क्योंकि इसके लिए magnetic sensor की जरुरत होती है।। खासकर पुराने मोबाइल में ये दिक्कत आ सकती है जिनमे ये सेंसर न हो।।

Step 2 :- जैसे ही आप इस एप्लीकेशन को डाउनलोड कर लोगे तो आपके सामने इस app का platform ओपन हो जायेगा।।।
जहा आपको Basically 3 चीज़े दिखाई देंगी।। जो इससे प्रकार है :-

इस ऑप्शन को सेलेक्ट करने के लिए आपको नॉर्मल्ली अपने मोबाइल का लोकेशन यानि GPS ऑन कर देना है।

इससे ऑप्शन में आपको बहुत से satelite मिलेंगे जिसमे आपको अपनी डिश का setelite सेलेक्ट करना जो डिश आप use कर रहे है।।

इस selelite को सेलेक्ट करने के लिए आपको ज्यादा घबराने की जरुरत नहीं है क्योंकि जैसे ही आप गूगल सर्च में अपनी डिश का नाम डाल कर के setelite को सर्च करेंगे तो वो आपको आसानी से मिल जायेगा।।

पहले से रहें सावधान

ट्रेनों के सुरक्षित संचालन के लिए इस बार लखनऊ मंडल को 315, इज्जत नगर मंडल को 185 व वाराणसी मंडल को 415 फाग सेव डिवाइस की आपूर्ति की गई है. सभी इजनों में यह डिवाइस लगाई जा रही है. लोको पायलट को भी निर्देशित किया गया है कि वह ट्रेनों को नियंत्रित गति से चलाए.

कोहरे के मौसम में काम करने वाले सिग्नल मैन को भी प्रशिक्षित किया गया है. वहीं स्टेशन मास्टरों को भी सख्ती से निर्देश दिया गया है कि वे लाइन क्लियरेंस देने से पहले विजिबिलिटी की जांच करें. उसके अलावा कोहरे के मौसम में अनुमोदित डिजाइन की प्लेशर टेल लाइट वाली लाल एलईडी लाइट व फ्लैशिंग टेल लैंप ट्रेनों के पीछे अंतिम एसएलआर में लगाए.

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