वायदा व्यापार

भारतीय शेयर बाजार का समय

भारतीय शेयर बाजार का समय
विदेशी निवेशकों ने बाजार को और हरा किया
अक्टूबर 2021 के बाद से लगातार 9 महीने की बिकवाली के बाद विदेशी निवेशक फिर से भारतीय बाजार में निवेश कर रहे हैं. विदेशी निवेशकों ने अगस्त में भारतीय इक्विटी बाजारों में 51,200 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया. डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक यह 20 महीनों की उच्चतम आवक है. तेल कीमतों में स्थिरता और जोखिम लेने की भावना में बढ़ोतरी के चलते विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) का रुझान भारत की ओर बढ़ा है.

शेयर मार्केट क्या है सीखें और पैसे कमाए – What Is Share Market In Hindi

शेयर मार्केट क्या है सीखें और पैसे कमाए – What Is Share Market In Hindi

Share Market In Hindi: बिना निवेश किए पैसे कमाना थोड़ा मुश्किल है पर शेयर बाजार में निवेश कर पैसे कमाना आसान है.

आज हर कोई व्यक्ति एक खुशहाल जीवन जीने के लिए बहुत पैसे कमाना चाहता है जिसके लिए वह नौकरी में कड़ी मेहनत भी करता है, लेकिन नौकरी में कड़ी मेहनत करने के बाद भी वह एक खुशहाल जीवन जीने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं कमा पाता भारतीय शेयर बाजार का समय है.

लेकिन शेयर बाजार पैसों का एक ऐसा कुआ है जो सारे देश की प्यास बुझा सकता है. जिन लोगों को शेयर बाजार की अच्छी समझ होती है वह शेयर बाजार से करोड़ों रूपये की कमाई करते हैं.

अगर आप भी जानना चाहते हैं कि Share Market क्या है, शेयर मार्केट कैसे सीखें, शेयर मार्केट में पैसा कैसे लगायें और शेयर मार्केट से पैसा कैसे कमाए तो इस लेख को पूरा अंत तक जरुर पढ़ें. इस लेख में हमने आपको इन सब के अतिरिक्त शेयर मार्केट का गणित और शेयर मार्केट से सम्बंधित कुछ महत्वपूर्ण शब्दों के बारे में बताया है जिससे कि आपको शेयर बाजार के बारे में अच्छी समझ मिले.

FPIs: भारतीय शेयर बाजार पर फिर मेहरबान हुए विदेशी निवेशक, अक्टूबर में किया 2,400 करोड़ रुपये का निवेश

FPIs: दुनिया भर के बाजारों में उथल-पुथल के बीच विदेशी निवेशकों (Foreign Investors) का भारत पर भरोसा कायम है। अक्टूबर के शुरुआती पहले हफ्ते में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में 2,400 करोड़ रुपये का निवेश किया है। यह निवेश ऐसे समय पर किया गया है। जब दुनिया के बड़े बाजारों में कच्चे तेल की कीमत और ब्याज दर भारतीय शेयर बाजार का समय बढ़ने के कारण काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

उतार-चढ़ाव जारी रहेगा

जानकारों का कहना है कि ग्लोबल और घरेलू कारणों की वजह से आने वाले महीनों में FPI के निवेश उतार-चढ़ाव बना रहेगा। जुलाई से पहले विदेशी निवेशक पिछले साल अक्टूबर से लगातार नौ महीने तक बिकवाली कर रहे थे। डिपॉजिटरीज की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, 3-7 अक्टूबर के बीच विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने भारतीय बाजार में 2,440 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इससे पहले सितंबर में विदेशी निवेशकों ने 7,600 करोड़ रुपये की बिकवाली की थी। अगस्त के महीने में विदेशी निवेशकों की ओर से भारतीय शेयर बाजार में 51,200 करोड़ और जुलाई में 5,000 करोड़ का निवेश किया गया था।

Diwali Muhurat Trading 2022: आज एक घंटे के लिए खुलेगा शेयर बाजार, जानें मुहूर्त ट्रेडिंग का पूरा शेड्यूल

Diwali Muhurat Trading 2022 भारतीय शेयर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग (Muhurat Trading) की परंपरा लंबे समय से चली रही है। दिवाली पर नए संवत की शुरुआत होती है और इस दिन वित्तीय लेनदेन करना काफी शुभ माना जाता है।

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। आज पूरे देश भर में दिवाली धूमधाम से मनाई जा रही है। दिवाली के दिन देवी लक्ष्मी जी पूजा की जाती है और माना जाता है कि इससे घर और व्यापार में समृद्धि बढ़ती है। इसी परंपरा को ध्यान में रखते हुए दिवाली पर पूजन के समय निवेशकों के लिए एक घंटे के लिए शेयर बाजार को खोला जाता है, जिसे मुहूर्त ट्रेडिंग कहा भारतीय शेयर बाजार का समय जाता है।

मुहूर्त ट्रेडिंग के सत्र को इस बार दिवाली की शाम को 6:15 बजे से 7:15 बजे तक के लिए रखा गया है। इस दौरान बाजार में अन्य कारोबारी दिनों की तरह आप शेयर की खरीद-बिक्री कर सकते हैं।

क्यों होती है मुहूर्त ट्रेडिंग

हिंदू मान्यताओं के अनुसार, दिवाली के दिन से नए विक्रम संवत की शुरुआत होती है। इस दिन कारोबारियों की ओर से पुराने बही-खातों को बंद कर नए बही-खातों में एंट्री की जाती है। इस साल दिवाली पर नए विक्रम संवत 2079 की शुरुआत हो रही है। नए विक्रम संवत के पहले दिन वित्तीय लेनदेन करना कभी शुभ माना जाता है और निवेशकों को इस भावना को देखते हुए कई दशकों से 'मुहूर्त ट्रेडिंग' का विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है।

Nifty and Sensex Close after touch all time high (Jagran File Photo)

दिवाली 2022 पर मुहूर्त ट्रेडिंग का शेड्यूल

दिवाली पर आज एक घंटे के लिए देश के दोनों बड़े एक्सचेंज एनएसई और बीएसई को मुहूर्त ट्रेडिंग के लिए खोला जाएगा। मुहूर्त ट्रेडिंग का समय शाम 6:15 से 7:15 बजे तक का रखा गया है। आज ब्लॉक डील सेशन शाम 5:45 बजे से 6:00 बजे तक, प्री ओपन ट्रेडिंग सेशन को शाम 6:00 बजे से 6:08 बजे तक, नॉर्मल मार्केट शाम 6:15 से 7:15 बजे तक, कॉल ऑशन सेशन 6:20 से 7:05 बजे तक और क्लोजिंग सेशन 7:25 से 7:35 बजे तक के लिए रखा गया है।

Sensex and Nifty touch all time high today (Jagran File Photo)

भारतीय शेयर भारतीय शेयर बाजार का समय बाजार का नया मुकाम, बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ऑल टाइम हाई पर

 अक्टूबर 2021 के बाद से लगातार 9 महीने की बिकवाली के बाद विदेशी निवेशक फिर से भारतीय बाजार में निवेश कर रहे हैं.

अक्टूबर 2021 के बाद से लगातार 9 महीने की बिकवाली के बाद विदेशी निवेशक फिर से भारतीय बाजार में निवेश कर रहे हैं.

शुक्रवार को तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 104.92 अंक यानी 0.18 प्रतिशत चढ़कर 59,793.14 पर बंद हुआ. कारोबार के दौर . अधिक पढ़ें

  • News18Hindi
  • Last Updated : September 10, 2022, 07:33 IST
शुक्रवार को सेंसेक्स 104.92 अंक यानी 0.18 प्रतिशत चढ़कर 59,793.14 पर बंद हुआ.
बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 283 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया.
शुक्रवार को सेंसेक्स इंट्रा डे में एक समय 60,000 अंक पर पहुंच गया था.

मुंबई. भारतीय शेयर बाजार में चल रही हालिया तेजी के बीच घरेलू शेयर बाजार ने एक नया मुकाम हासिल किया है. बीएसई में लिस्टेड कंपनियों भारतीय शेयर बाजार का समय का मार्केट कैप शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन अब तक के सबसे उच्चतम स्तर 283 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया. शुक्रवार को तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 104.92 अंक यानी 0.18 प्रतिशत चढ़कर 59,793.14 पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान एक समय यह 60,000 अंक पर पहुंच गया था.

जानिए शेयर बाजार कैसे बना भारतीय शेयर बाजार का समय दो खरब का मार्केट

Banyan Tree

नई दिल्ली। शेयर बाजार की शुरुआत आजादी मिलने से 107 साल पहले ही हो चुकी थी। लेकिन उस समय तरीका बिल्कुल अलग था। 1840 में पहली बार शेयर बाजार की शुरुआत मुंबई में बरगद के पेड़ के नीचे 22 लोगों के साथ शुरु की गई। मुंबई के टाउनहाल के पास बरगद के वृक्ष के नीचे सभी लोग दलाल एकत्रित होते थे और शेयरों का सौदा करते थे। हालांकि कुछ सालों बाद ये दलाल महात्मा गांधी रोड पर बरगद के वृक्ष के नीचे जुटने लगे। धीरे-धीरे शेयर दलालों की संख्या बढती गई ।

एशिया के सबसे पुराने एक्सचेंज की स्थापना का श्रेय चार गुजराती और एक पारसी शेयर ब्रोकर्स भारतीय शेयर बाजार का समय को जाता है। ये सभी 1840 के आसपास अपने कारोबार के सिलसिले में मुंबई के टाउन हॉल के सामने बरगद के एक पेड़ के नीचे बैठक किया करते थे। इन ब्रोकर्स की संख्या में साल दर साल बढ़ोत्तरी होती रही। 1875 में इन्होंने अपना नेटिव शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स एसोसिएशन बना लिया। साथ ही दलाल स्ट्रीट पर एक ऑफिस भी खरीद लिया।

रेटिंग: 4.57
अधिकतम अंक: 5
न्यूनतम अंक: 1
मतदाताओं की संख्या: 232
उत्तर छोड़ दें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा| अपेक्षित स्थानों को रेखांकित कर दिया गया है *