बाइनरी ऑप्शन टिप्स

शेयर बाजार कैसे काम करता है

शेयर बाजार कैसे काम करता है
शेयर बाजार में सेबी के मुख्य कार्य क्या हैं?
12. हॉट मनी (Hot Money): यह वह निवेश मनी होती है जो कि अधिक लाभ की तरह भागती हैl इस प्रकार की निवेश मनी बाजार में बहुत ही कम स्थिर होती है इसी कारण इसे हॉट मनी कहते हैंl
13. जंक बांड(Junk Bond): जंक बांड वे बांड है जिनकी रेटिंग नीची हो परन्तु उन पर प्राप्त होने वाले रिटर्न(लाभ) की दर ऊंची हो l
14. कर्ब ट्रेडिंग(Kerb Trading): स्टॉक एक्सचेंज मार्किट की बिल्डिंग के बाहर, स्टॉक एक्सचेंज के ही समय में या उसके बाद प्रतिभूतियों में अवैध ट्रेडिंग को कर्ब ट्रेडिंग कहते हैं l
15. स्टैग (Stag): ऐसे लोग जो प्राइमरी मार्किट में पैसा लगाना पसंद करते है सेकेंडरी मार्किट में नही, स्टैग कहलाते हैं l ये लोग बहुत कम जोखिम उठाते हैं l
16. अल्फ़ा शेयर : इन्हें ग्रुप A का शेयर भी कहा जाता हैl ये ऐसे स्टॉक हैं जिनके क्रय विक्रय में बाधा नही होती है l
17. राइट इशू (Right Issue): जब शेयर या प्रतिभूति के आबंटन में वर्तमान शेयर धारकों को प्राथमिकता दी जाये तो इस प्रकार के निर्गमित शेयर को राइट इशू कहते हैंl वर्तमान शेयर धारकों को इन शेयरों को खरीदने के लिए रुपये देने पड़ते हैं अर्थात ये शेयर, बोनस शेयर की तरह कीमत रहित नही होते हैं l
18. स्नो बालिंग प्रभाव: जब शेयर के मूल्य में थोड़ी बृद्धि से शेयर क्रय के कारण या किसी अन्य कारण कुछ ऐसी स्थिति पैदा हो जाये कि शेयरों का मूल्य बढ़ता ही जाये और इतना अधिक बढ़ जाये कि क्रय विक्रय पर स्टॉप आर्डर आने लगे तो इसे स्नो बालिंग कहते हैं l
19. शोर्ट सेलिंग (Short Selling): जब किसी व्यक्ति या दलाल द्वारा उससे अधिक स्टॉक के विक्रय का सौदा किया जाता जितना उसके पास है या जितना कहीं से लेकर पूर्ती कर सकता हैl यह क्रिया बिलकुल गैर-कानूनी है l
20. लार्ज कैप कम्पनियाँ (Large Cap Companies): ये वे कम्पनियाँ होती हैं जिनका बाजार पूंजीकरण 10,000 करोड़ रुपये या इससे अधिक हो l
21. मिड कैप कम्पनियाँ (Mid Cap Companies): ये वे कम्पनियाँ शेयर बाजार कैसे काम करता है होती हैं जिनका बाजार पूंजीकरण 10,000 करोड़ रुपये से कम पर 2500 करोड़ से अधिक हो l
22. स्माल कैप कम्पनियाँ (Small Cap Companies): ये वे कम्पनियां होती हैं जिनका बाजार पूंजीकरण 2500 करोड़ रुपये से कम हो l
23. पौंजी स्कीम (Ponzy Schemes): ये वे फर्जी कम्पनियाँ होती हैं जो कि लोगों को कम समय में अधिक रिटर्न की गारंटी देकर निवेशकों का पैसा लेकर गायब हो जातीं हैl ऐसी कंपनियों का सरकार के पास कोई भी रिकॉर्ड नही होता है l

Image Source:INFO FOREX SCAMS
ऊपर दिए गए शब्द उन सभी लोगों के लिए बहुत ही मददगार होंगे जो कि या तो शेयर बाजार में पैसा निवेश करते हैं या शेयर बाजार कैसे काम करता है इस बारे में जानना चाहते हैं l

शेयर बाजार क्या है | शेयर मार्किट में पैसा कैसे लगाये | what is share Market in Hindi ।

शेयर बाजार (share bazar) से पैसे कमाने के लिए पहले शेयर बाजार क्या है और यह कैसे काम करता है यह जानना जरुरी है बिना सोचे समझे शेयर मार्केट में पैसे नहीं लगाये पहले सीखें , जाने इसी कमी को हम दूर करेंगे सलाम मेवात वेबसाइट पर आपको शेयर मार्केट पूरी जानकारी मिलेंगी

Share Bazar Kya hai शेयर बाजार क्या है

शेयर मार्केट क्या है आज शेयर मार्किट के बारे में बुनियादी चीजो के बारे में जानेगें

शेयर मार्केट का अर्थ – शेयर यानि हिस्सा और मार्किट यानि बाजार । ऐसा बाजार जहां Listed कंपनियों के Share (हिस्सा) खरीदा और बेचा जाता है। शेयर मार्किट ही वो जगह है जहाँ किसी भी लिस्टेड कंपनी के शेयर खरीद कर उस कम्पनी शेयर बाजार कैसे काम करता है के कुछ हिस्से के मालिक बन सकते है

शेयर खरीदने के लिए स्टॉक ब्रोकर के माध्यम से ही शेयर खरीद बेच सकते है जिसमे आपको डीमेट अकाउंट खुलवाना होगा

किसी भी कंपनी के शेयर खरीदने और बेचने के लिए स्टॉक ब्रोकर होते है कुछ स्टॉक ब्रोकर के नाम में Suggest करूँगा जो निम्न है –

India में जहाँ शेयर खरीद और बेच सकते है के लिए दो (2) एक्सचेंज है

  • NSE (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज)
  • BSE (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज)

NSE FULL FORM – National Stock Exchange

BSE FULL FORM – Bombay Stock Exchange

स्टॉक मार्केट खुलने का समय

Stock Market सुबह 9 बजे शुरू होता है शेयर बाजार में सुबह 9:00 बजे से 9:15 बजे तक के समय को Pre Open Session कहते है तथा 9 बजकर 8 मिनट पर बाजार का भाव sattled (स्थिर) हो जाता है

और 9 बजकर 15 मिनट से मार्किट शुरू हो जाता है और शाम 3 बजकर 30 मिनट पर बंद हो जाता है शेयर बाजार हर सप्ताह सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 9:15 AM से 3:30 PM तक खुला रहता है इसी दौरान शेयरो को खरीद फरोख्त होती है

शेयर मार्किट से लाभ और हानि कैसे होती है ?

शेयर मार्किट से पैसे कमाने के लिए और अपने पैसो को सही शेयर सही भाव में प्रवेश जरुरी है शेयर मार्किट में लाभ हानि कैसे होती है इसे जानने के लिए एक उदाहरण से समझते है

उदहारण :- मान लीजिये किसी A कंपनी का शेयर का भाव 100 रुपये है और आपने 1000 शेयर ख़रीदे यानि आपने 100000 (एक लाख) के शेयर ख़रीदे और वह शेयर कुछ दिन बाद 120 रूपए का हो जाता है अब आपके शेयर्स की कीमत 1200000 (एक लाख बीस हजार ) हो जाती है यानि आपका शुद्ध लाभ 20000 रूपए है इसी तरह अगर शेयर का भाव 90 रुपये हो जाता है तो शेयर्स की कीमत 90000 रूपए हो जाती है और हमें 10000 रूपए का नुकसान होता है

उम्मीद है अब आपको समझ आ गया होगा की शेयर मार्किट में लाभ और हानि कैसे होती है

शेयर मार्किट अकाउंट कैसे खुलवाए

शेयर मार्किट में शेयर खरीदने के लिए डीमेट अकाउंट और ट्रेडिंग अकाउंट का होना अनिवार्य है और इन्हें आज के डिजिटल युग में खोलना बेहद ही आसान है पोस्ट की शुरुआत में मेने कुछ विश्वसनीय स्टॉक ब्रोकरस के नाम बताये है जिन आप अकाउंट खुलवा सकते है

अकाउंट खुलवाने के लिए आपके पास निम्न डॉक्यूमेंट होने चाहिए

  • आधार
  • पेनकार्ड
  • मोबाइल
  • cancel चेक
  • सादे कागज पर सिग्नेचर
  • और आपका आधार मोबाइल से लिंक होना चाहिए

शेयर मार्केट क्या है (share market kya hai) और इससे पैसे कैसे कमाए की जानकारी उम्मीद है आपको पसंद आई होगी इस पोस्ट को शेयर अपने दोस्तों के साथ social media पर जरुर शेयर करे

Whats is Share Market : शेयर बाजार क्या हैं व कैसे काम करता है

Whats is Share Market आज हम शेयर मार्केट के बारे में बात करने वाले हैं की share market kya hai और शेयर मार्केट कैसे काम करता हैं बहुत से लोगो को इसके बारे में पता नहीं होता की यह कैसे काम करता हैं तो आज हम आपको शेयर मार्केट से जुडी पूरी जानकारी बतायेगे

Share Market kaise kharide

Share Market Kya Hai अगर आप घर बैठे पैसा कमाना चाहते हैं तो share market एक बहुत ही अच्छा तरीका हैं इससे आप लाखों रुपये घर बैठे कमा सकते हैं व आपको इसमे ज्यादा मेहनत करने की भी जरुरत नही पडती आप बहुत आसानी से ये काम कर सकते हैं

पर इसमे risk भी बहुत होता हैं इसलिए आपको इसका इस्तेमाल पूरी सावधानी से करना चाहिए अन्यथा आपको इसमे नुकसान भी वहन करना पड सकता हैं आज हम इन सभी points की उपर चर्चा करेगें जिससे की आपको ज्यादा से ज्यादा लाभ हो सके व share bazar in Hindi उसके बारे मे आपको पूरी जानकारी प्राप्त हो सके.

Share Market क्या है

शेयर मार्केट एक ऐसा market हैं जहाँ पर आप बडी बडी company के share खरीद व बेच सकते हैं यहाँ पर लगभग आपको सभी company के शेयर मिल जायेगे व आप जिस company के शेयर खरीदना चाहो उसके शेयर खरीद सकते हैं व जितने रुपए के शेयर खरीदना चाहो उतने खरीद सकते हैं इसमें आपको ऊपर कोई पाबंदी नही होती.

Company के फायदे व नुकसान के आधार पर प्रतिदिन इसकी कीमतों में उतार चढाव होता रहता हैं ये उस company के लाभ व नुकसान पर निर्भर करता हैं की उसके share की कीमतें बढती हैं या घटती है.

आप जिस companies के share खरीद रहे हैं उस company को फायदा हुआ तो आपको दुगुना व तीन गुना फायदा भी हो सकता या ज्यादा भी हो सकता हैं पर अगर नुकसान हुआ तो आपका लगाया गया पैसा भी जा सकता हैं जिसके कारण इसे बहुत risky कहा जाता है.

जैसे की share market in Hindi मे‌ पैसे कमाना भी आसान हैं तो पैसे गवाना भी उतना ही आसान हैं पर आप सावधानी पूर्वक कार्य करे तो शायद आप नुकसान होने से बच सकते हैं उसमे सावधानी एक ही चीज़ की रखनी हैं की आप सही company के share खरीदे जिसमें आपको पैसे का नुकसान न हो.

Share Market में Share कब खरीदने चाहिए

Share market kya hai इसकी जानकारी तो आपको मिल गयी हैं अब important points ये हैं की आपको share कब खरीदने चाहिए तो इसके लिए आप पहले share market के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी प्राप्त करें क्योंकि आपको जितना ज्यादा experience होगा आप उतनी ही अधिक कमाई कर पायेगे.

Share market के उतार चढाव के बारे में जानकारी पाने के लिए आपको economic times के newspaper पढने चाहिए व आप NDTV Business New channel देख कर भी इसके उतार चढाव के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

Share market in Hindi ये बहुत risk से भरा हुआ मार्केट हैं इसलिए हमारी राय यहीं हैं की आप इसमे तभी निवेश करे जब आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी हो व उसने ही पैसे निवेश करे जितना आप नुकसान सहन कर सके क्योंकि इसमें नुकसान होनी की भी बहुत सम्भावना होती हैं इसलिए अगर आपका पैसा डूब जाये तो भी आपकी आर्थिक स्थिति पर ज्यादा फर्क ना पडे.

Share market मे पैसे लगाने से पहले आप इसमे ज्यादा से ज्यादा जानकारी प्राप्त कर ले क्युँकि यहाँ पर fraud companies भी बहुत होती हैं इसके कारण अगर आपको इसमे अच्छा खासा experience हैं तो आप यहाँ पर नुकसान होने से खुद को बचा सकते हैं व आप जिस company के share खरीद रहे हैं उस company के background के बारे मे भी अच्छे से जानकारी प्राप्त कर ले उसके बाद ही इसके निवेश करें.

Share Kaise Kharide

अगर आप share market मे‌ पैसे निवेश करना चाहते हैं व share खरीदना चाहते हैं तो उसके लिए आपको एक Demat account बनाना होता हैं ये बैक account की तरह ही होता हैं उसमे आपके bank से पैसे transfer करने होते हैं व जितने पैसे आप अपने demat account में रखोगे आप उतने ही पैसो के share खरीद सकते हैं व आपके share भी इसी account मे रहते हैं.

अगर आप share बेचते हैं तो वो पैसे भी demat account मे रहैंगे यहाँ से वो पैसे आपको अपने बैक मे transfer करने होते‌ हैं व demat account से share खरीदने के लिए भी आपको बैक से इस account मे पैसे लेने होते हैं जिसके बाद आप share खरीद पायेगे.

Demat Account कैसे खोले

Demat account क्या हैं इसके बारे मे तो आपको जानकारी पता चल ही गयी हैं अब आप सोच रहे होगें की demat account खोलते कैसे हैं तो इसके लिए आपको एक share market brokers यानि दलाल की जरुरत होती हैं जो आपका demat account खुलवाता हैं

अगर आप किसी broker को नही जानते तो आप demat account खोलने के लिए किसी company से contact कर सकते हैं वो खुद उनके दलाल को आपके पास भेजेगे जो की आपका account open करवाने मे मदद करते हैं.

व इसका एक फायदा ये भी होता हैं की दलाल आपको कई बार कुछ companies के बारे मे suggest करेगें जहां आप निवेश कर सकते हैं उसमे नुकसान की संभावना कम होती हैं पर इसके लिए वो आपसे शेयर बाजार कैसे काम करता है पैसे भी लेते है.

Demat account खोलने के‌ लिए आपका किसी भी बैक मे एक saving account होना जरुरी हैं व आपके पास aadhar card, pan card आदि होने जरुरी हैं जिससे आप demat account खोल पायेगे.

भारत मे 2 main stock exchange हैं.

  1. Bombay Stock Exchange (BSE)
  2. National Stock Exchange (NSE)

यही पर सभी share ख़रीदे व बेचे जाते हैं और जो Broker होते हैं वो इसी के सदस्य होते हैं आप इन share market brokers की मदद से ही stock market मे trading कर सकते हैं.

Calculation – आज के आर्टिकल में हम आपको Share Market क्या है और शेयर कैसे खरीदते है इसके बारे में जानकारी दी है हमे उम्मीद है की आपको हमारे द्वारा बताई गयी जानकारी जरूर पसंद आयी होगी अगर आपको जानकारी अच्छी लगे तो इसे अपने मित्रो के साथ शेयर जरूर करे व अधिक जानकारी के लिए आप हमे कमेंट कर सकते है.

बाजार का रुख कैसा भी हो, निवेश करते रहें: शेयर बाजार निचले स्तर पर हो या ऊंचाई पर, धैर्य हो तो हर हाल में होता है फायदा

रिटेल निवेशक आम तौर पर इक्विटी में निवेश से कतराते हैं। धैर्य, जिज्ञासा और जानकारी का अभाव इसकी वजह होती है। ऐसे में वे सही तरीके से पैसा कमाने के इस शानदार जरिए का पूरा फायदा नहीं उठा पाते। कुछ लोग इक्विटी में निवेश के बारे सोचते भी हैं तो बाजार में उतार-चढ़ाव को लेकर सीमित समझ उन्हें ऐसा करने से रोक देती है।

ज्यादातर लोगों को लगता है कि "सस्ता खरीदो और महंगा बेचो'' का नियम शेयर बाजार में काम नहीं करता है। कभी-कभार भारी उतार-चढ़ाव इसकी वजह होती है। लेकिन यह समझ गलत है क्योंकि शेयरों के मामले में यह नियम लंबी अवधि में काम करता है। असल में कोई भी निवेशक या विश्लेषक इस बात का सटीक अंदाजा नहीं लगा सकते कि बाजार कब चढ़ेगा और किस लेवल से इसमें गिरावट शुरू होगी। इसलिए बाजार का रुख कैसा भी हो, निवेश करते रहेंगे तो निश्चित तौर पर जोरदार कमाई होगी। यूनियन म्यूचुअल फंड के सीईओ जी प्रदीप कुमार आपको इक्विटी इन्वेस्टमेंट की बारीकियों को समझा रहे हैं.

पहली स्थिति: मान लीजिए कि एक निवेशक ने 2002 में सालाना 1 लाख रुपए का निवेश तब शुरू किया था, जब निफ्टी-50 निचले स्तर पर था। उसने लगातार 10 साल यानी 2011 तक निवेश जारी रखा। फिर 2011 से लेकर 2022 तक कोई निवेश नहीं किया। लेकिन पहले किया गया निवेश भी नहीं भुनाया। अभी उसकी 10 लाख रुपए की पूंजी बढ़कर 1.09 करोड़ रुपए हो गई है।

सबक: हालात कैसे भी हों, लंबे समय तक टिके रहने वाले निवेशकों को शेयर बाजार मालामाल कर देता है। शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव को नजरअंदाज करते हुए धैर्य रखना इसके लिए जरूरी है।

दूसरी स्थिति: बाजार की बारीकियों से अनजान एक निवेशक ने 2002 में सालाना 1 लाख का निवेश तब शुरू किया था, जब निफ्टी-50 अपने सबसे ऊंचे स्तर पर था। उसने लगातार 10 साल यानी 2011 तक निवेश किया। फिर 2022 तक कोई निवेश नहीं किया। लेकिन पहले किया गया निवेश भी नहीं भुनाया। अभी उसकी भी 10 लाख की पूंजी बढ़कर 67.86 लाख रुपए हो गई है।

सबक: आप शेयर बाजार शेयर बाजार कैसे काम करता है के सबसे बदकिस्मत निवेशक ही क्यों न हों, लेकिन अगर आपने लंबी अवधि के लिए निवेश कर रखा है तो अंत में आपको बाजार से कई गुना अधिक रिटर्न जरूर मिलेगा।

गिरावट का इंतजार न करें
निवेश के लिए बाजार नीचे आने का इंतजार न शेयर बाजार कैसे काम करता है करें। बाजार जब चढ़ रहा हो तो कई निवेशक यह सोचकर शेयर नहीं खरीदते कि अभी निवेश महंगा साबित होगा। उन्हें लगता है कि बाजार जल्द गिर सकता है। ऐसे लोग दर्शक बने रह जाते हैं। उनके लिए निवेश का सही वक्त कभी नहीं आता।

जिस ट्रेडिंग कंपनी के जरिए शेयर बाजार में पैसा लगा रहे, वही बंद हो गई तो क्‍या होगा? जानिए आपका पैसा डूबेगा या बचा रहेगा

शेयर बाजार में निवेश करने का चलन तेजी से बढ़ रहा है. यहां पर पारंपरिक निवेश की तुलना में ज्‍यादा रिटर्न मिलता है. हालांकि, शेयर बाजार में निवेश का जोखिम भी होता है.

जिस ट्रेडिंग कंपनी के जरिए शेयर बाजार में पैसा लगा रहे, वही बंद हो गई तो क्‍या होगा? जानिए आपका पैसा डूबेगा या बचा रहेगा

TV9 Bharatvarsh | Edited By: आशुतोष वर्मा

Updated on: Jul 22, 2021 | 10:32 AM

अब आम आदमी भी शेयर बाजार में निवेश कर ज्‍यादा रिटर्न पाने में रुचि दिखा रहा है. यही कारण है कि बीते एक साल में रिकॉर्ड संख्‍या में डीमैट अकाउंट खोले गए हैं. पिछले महीने तक के आंकड़ों के अनुसार देशभर में करीब 6.9 करोड़ डीमैट अकांउट्स हैं. हालांकि, दूसरे देशों के मुकाबले आबादी के लिहाज से यह अनुपात अभी भी बहुत कम है. भारतीय शेयर बाजार में सबसे ज्‍यादा पैसा महाराष्‍ट्र, गुजरात और उत्‍तर प्रदेश के लोग लगाते हैं. लक्षद्वीप, अंडमान एवं निकोबार से लेकर मिज़ोरम तक के लोग शेयर बाजार से अच्‍छी कमाई कर रहे हैं.

शेयर बाजार में निवेश करने के लिए सबसे पहली जरूरत डीमैट अकाउंट की होती है. इसी अकाउंट में शेयर्स, ईटीएफ, बॉन्‍ड्स, म्‍यूचुअल फंड्स और सिक्योरिटीज को इलेक्‍ट्रॉनिक फॉर्मेट में रखा जाता है. ये डीमैट अकाउंट डिपॉजिटरीज एनसडीएल और सीडीएसल के साथ खोला जा सकता है. देश में कई स्‍टॉक ब्रोकिंग कंपनियां हैं, जो लोगों को शेयर बाजार में निवेश करने में मदद करती हैं. स्‍टॉक ब्रोकिंग कंपनियां ही इस सुविधा को आम आदमी तक पहुंचाती हैं. इस सुविधा के बदले ये ब्रोकरेज फर्म्‍स छोटी फीस वसूलते हैं.

इस बात की भी संभावना है कि आप ये ब्रोकरेज फर्म्‍स ही किन्‍हीं कारणों से बंद हो जाए. ऐसी स्थिति में क्‍या आपका निवेश पूरी तरह से डूब जाएगा? कहीं स्‍टॉक ब्रोकिंग कंपनी आपका पूरा पैसा लेकर तो नहीं भाग जाएगी? एक निवेशक के तौर पर आपके मन में जरूर इस तरह के सवाल उठ रहे होंगे. लेकिन अब आपको इसकी चिंता नहीं करनी हैं. क्‍योंकि हम आपको इस तरह के सभी सवालों के जवाब लेकर आए हैं.

ब्रोकरेज कंपनी बंद होने पर आपके निवेश का क्‍या होगा?

आप यह जानकार राहत की सांस ले सकते हैं कि स्‍टॉक ब्रोकिंग कंपनी के डिफॉल्‍ट करने या बंद होने के बाद भी आपकी पूंजी या फंड पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा. ऐसा नहीं होगा कि स्‍टॉक ब्रोकर आपकी पूंजी लेकर भाग जाए. उदाहरण के तौर पर देखें तो जब हर्षद मेहता स्‍कैम सामने आया था, तब उनकी ब्रोकिंग कंपनी ग्रो मोर रिसर्च एंड एसेट मैनेजमेंट को सेबी ने बैन कर दिया था. लेकिन इस कंपनी के जरिए शेयर बाजार में पैसा लगाने वाले लोगों को कोई नुकसान नहीं हुआ.

आपको सबसे पहले यह समझने की जरूरत कि ये स्‍टॉक ब्रोकिंग कंपनियां महज एक बिचौलिए के तौर पर काम करती हैं. आपके फंड पर इनकी पहुंच सीधे तौर पर नहीं होती है ताकि वे आपकी पूंजी पर अपना हम जमा सकें. लेकिन इनके पास पड़ी अपनी फंड या पूंजी को इस्‍तेमाल करने के लिए आप इन्‍हें निर्देश दे सकते हैं.

स्‍टॉक्‍स और शेयरों का क्‍या होगा?

आपका फंड डीमैट अकाउंट में जमा होता है. ये डीमैट अकाउंट डिपॉजिटरीज के पास खुलात है. सेबी ने दो डिपॉजिटरीज – नेशनल सिक्‍योरिटीज डिपॉजिटरीज लिमिटेड (NSDL) और सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड (CDSL) को मंजूरी दी है. भारत सरकार के वित्‍त मंत्रालय के प्रति सेबी की जवाबदेही होती है.

किसी भी समय पर एक निवेशक का स्‍टॉक या शेयर ब्रोकरेज फर्म्‍स के पास नहीं होता है. वे बस एक प्‍लेटफॉर्म के तौर पर काम करते हैं. इनका काम बस आपके निर्देश के हिसाब से आपकी जगह ट्रेड करना है. बदले में ये आपसे फीस वसूलते हैं.

इसी प्रकार आपका म्‍यूचुअल फंड इन्‍वेस्‍टमेंट एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) के पास होता है. ऐसे में अगर ब्रोकरेज फर्म बंद भी हो जाता है तो आपका म्‍यूचुअल फंड सुरक्षित रहेगा.

शेयर बाजार में इस्तेमाल किए जाने वाले 23 सबसे महत्वपूर्ण शब्द

भारत में मुख्य रूप से 2 स्टॉक एक्सचेंज हैं: बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE)l बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज दलाल स्ट्रीट, मुंबई, महाराष्ट्र, भारत में स्थित एक भारतीय शेयर बाजार है। सन 1875 में स्थापित, बीएसई एशिया का पहला स्टॉक एक्सचेंज हैl बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज, 30 बड़ी कंपनियों के बाजार मूल्य में उतार चढ़ाव की गणना करता हैl ये सभी शब्द बैंकिंग सामान्य ज्ञान के लिए बहुत उपयोगी हैंl

भारत में मुख्य रूप से 2 स्टॉक एक्सचेंज हैं: बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE)l बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज दलाल स्ट्रीट, मुंबई, महाराष्ट्र, भारत में स्थित एक भारतीय शेयर बाजार है। सन 1875 में स्थापित, बीएसई एशिया का पहला स्टॉक एक्सचेंज हैl बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ,30 बड़ी कंपनियों के बाजार मूल्य में उतार चढ़ाव की गणना करता हैl दूसरा स्टॉक एक्सचेंज NSE भी मुंबई में है और इसकी स्थापना 1992 में हुई थीl सामान्य लोगों की जानकारी के लिए शेयर बाजार में इस्तेमाल होने वाले मुख्य शब्द इस प्रकार हैं l
1. इक्विटी शेयर (Equity Share): इक्विटी शेयर वे अंश है जिन्हें कंपनी से मताधिकार प्राप्त होता है l ये अंशधारी ही धारित अंशों के अनुपात में ही कंपनी के स्वामित्वधारी होते हैं l इन्हें लाभांश वितरण में कोई वयीयता प्राप्त नही होती है l
2. वरीयता अंश (Preference Share): ये वे शेयर धारक होते हैं जिन्हें लाभांश वितरण में वरीयता दी जाती हैl लाभ बाँटने के बाद यदि कुछ लाभांश बचता है तो उसे इक्विटी शेयर धारकों में बांटा जाता हैl वरीयता अंश के शेयर धारकों को कंपनी में मताधिकार प्राप्त नही होता है l
3. इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO): इसका सम्बन्ध प्राइमरी बाजार से है जिसमे नयी कंपनियों के अंश बाजार में जारी किये जाते हैं l इस विधि के माध्यम से कम्पनियाँ बाजार से पैसा जुटा कर अपनी आगे की वित्तीय योजनाओं को बनाती है l



Image Source:Goodreturns
4. फालो पब्लिक ऑफर: जब कोई भी नयी कंपनी अपनी अधिकृत पूँजी की उगाही शेयरों के निर्गमन के द्वारा प्राथमिक बाजार से करती है तो इसे FPO कहते हैं l
5. ब्लू चिप कंपनी (Blue Chip Company): यह एक ऐसी कंपनी होती है जिसके शेयरों को खरीदना बेहद सुरक्षित माना जाता है। इस कंपनी के शेयरों को खरीदने वाला निवेशक जोखिम रहित लाभ प्राप्त करता है l

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6. इनसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading): इसका मतलब एक ऐसी सूचना से होता है जो कि एक कंपनी की कार्य प्रणाली से जुडी होती है जिसमे कम्पनी की भावी योजनाओं में बारे में जानकारी होती हैl यदि यह सूचना कंपनी के किसी उच्च अधिकारी (कंपनी के निदेशकों और उच्च स्तरीय अधिकारियों) के माध्यम से सार्वजनिक हो जाती है तो उस कंपनी के शेयरों के दाम अप्रत्याशित रूप से ऊपर या नीचे होते हैं l

Image Source:Insider Monkey
7. वाणिज्यिक पत्र (Commercial Paper): यह एक असुरक्षित वचन-पत्र (Promissory Note) होता है जो कि एक वित्तीय संस्थान द्वारा जारी किया जाता है lइसको जारी करने का मुख्य उद्येश्य अल्पकालीन वित्तीय जरूरतों को पूरा करना होता है l
8. बोनस इश्यू (Bonus Issue):इस प्रकार के शेयर बोनस, उन शेयर धारकों को फ्री में उस अनुपात में दिए जाते हैं जिनके उनके पास उस कंपनी के शेयर पहले से ही होते हैं l ऐसे शेयरों को लाभांश शेयर भी कहते हैं l

भारतीय बजट से जुडी शब्दावली
9. तेजड़िया (Bull): तेजड़िया उस व्यक्ति को कहा जाता है जो कि शेयर बाजार में शेयरों की खरीदारी करता है और इसी खरीदारी के कारण शेयर बाजार ऊपर की ओर जाता हैl यह निवेशक बाजार के बारे में सकारात्मक रुख रखता है क्योंकि वह यह सोचता है कि उसके द्वारा खरीदे गए शेयरों का दाम ऊपर चढ़ेंगेl


Image Source:दैनिक जागरण
10. मंदड़िया(Bear): मंदड़िया उस निवेशक को कहा जाता है जो कि अपने खरीदे गए शेयरों को बेचता क्योंकि उसको लगता है कि उसके द्वारा खरीदे गए शेयरों का दाम बाजार में गिरेंगेl इसलिए वह अपने शेयरों को बेच देता है और कई लोगों के द्वारा ऐसा करने पर बाजार नीचे की ओर गिरता है l

Image Source:Money Bhaskar
11. लाभांश (Dividend): यह कंपनी द्वारा अपने शेयर धारकों को दिया जाने वाला लाभ का हिस्सा होता हैl लाभ का यह हिस्सा कंपनी अपने सभी शेयर धारकों को उनके शेयरों की संख्या के अनुपात में बांटती हैl जिसके पास जितने अधिक शेयर, उसको उतना अधिक लाभांश मिलता हैl

ponzy-schemes

शेयर बाजार में सेबी के मुख्य कार्य क्या हैं?
12. हॉट मनी (Hot Money): यह वह निवेश मनी होती है जो कि अधिक लाभ की तरह भागती हैl इस प्रकार की निवेश मनी बाजार में बहुत ही कम स्थिर होती है इसी कारण इसे हॉट मनी कहते हैंl
13. जंक बांड(Junk Bond): जंक बांड वे बांड है जिनकी रेटिंग नीची हो परन्तु उन पर प्राप्त होने वाले रिटर्न(लाभ) की दर ऊंची हो l
14. कर्ब ट्रेडिंग(Kerb Trading): स्टॉक एक्सचेंज मार्किट की बिल्डिंग के बाहर, स्टॉक एक्सचेंज के ही समय में या उसके बाद प्रतिभूतियों में अवैध ट्रेडिंग को कर्ब ट्रेडिंग कहते हैं l
15. स्टैग (Stag): ऐसे लोग जो प्राइमरी मार्किट में पैसा लगाना पसंद करते है सेकेंडरी मार्किट में नही, स्टैग कहलाते हैं l ये लोग बहुत कम जोखिम उठाते हैं l
16. अल्फ़ा शेयर : इन्हें ग्रुप A का शेयर भी कहा जाता हैl ये ऐसे स्टॉक हैं जिनके क्रय विक्रय में बाधा नही होती है l
17. राइट इशू (Right Issue): जब शेयर या प्रतिभूति के आबंटन में वर्तमान शेयर धारकों को प्राथमिकता दी जाये तो इस प्रकार के निर्गमित शेयर को राइट इशू कहते हैंl वर्तमान शेयर धारकों को इन शेयरों को खरीदने के लिए रुपये देने पड़ते हैं अर्थात ये शेयर, बोनस शेयर की तरह कीमत रहित नही होते हैं l
18. स्नो बालिंग प्रभाव: जब शेयर के मूल्य में थोड़ी बृद्धि से शेयर क्रय के कारण या किसी अन्य कारण कुछ ऐसी स्थिति पैदा हो जाये कि शेयरों का मूल्य बढ़ता ही जाये और इतना अधिक बढ़ जाये कि क्रय विक्रय पर स्टॉप आर्डर आने लगे तो इसे स्नो बालिंग कहते हैं l
19. शोर्ट सेलिंग (Short Selling): जब किसी व्यक्ति या दलाल द्वारा उससे अधिक स्टॉक के विक्रय का सौदा किया जाता जितना उसके पास है या जितना कहीं से लेकर पूर्ती कर सकता हैl यह क्रिया बिलकुल गैर-कानूनी है l
20. लार्ज कैप कम्पनियाँ (Large Cap Companies): ये वे कम्पनियाँ होती हैं जिनका बाजार पूंजीकरण 10,000 करोड़ रुपये या इससे अधिक हो l
21. मिड कैप कम्पनियाँ (Mid Cap Companies): ये वे कम्पनियाँ होती हैं जिनका बाजार पूंजीकरण 10,000 करोड़ रुपये से कम पर 2500 करोड़ से अधिक हो l
22. स्माल कैप कम्पनियाँ (Small Cap Companies): ये वे कम्पनियां होती हैं जिनका बाजार पूंजीकरण 2500 करोड़ रुपये से कम हो l
23. पौंजी स्कीम (Ponzy Schemes): ये वे फर्जी कम्पनियाँ होती हैं जो कि लोगों को कम समय में अधिक रिटर्न की गारंटी देकर निवेशकों का पैसा लेकर गायब हो जातीं हैl ऐसी कंपनियों का सरकार के पास कोई भी रिकॉर्ड नही होता है l

Image Source:INFO FOREX SCAMS
ऊपर दिए गए शब्द उन सभी लोगों के लिए बहुत ही मददगार होंगे जो कि या तो शेयर बाजार में पैसा निवेश करते हैं या शेयर बाजार कैसे काम करता है इस बारे में जानना चाहते हैं l

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